हाँ, बहुत सारे शिकवे हैं |
तुझसे, इससे, उससे,
सबसे शिकवे हैं |
ज़िंदा है, साँस लेते है |
हर सुबह मेरे साथ उठते हैं,
वक्त के पाबंद हैं |
चलते हैं, दोनो पैरों पर|
राह में पड़े रोड़े हटाते रहते है,
निगहबान है |
खाते हैं, जी भर कर |
हर निवाले का रस लेते है,
जवान हैं |
हंसते है, ठहाके लगाकर |
हर बात पर मज़ाक करते है,
यार है |
गुनगुनाते है, दिन भर |
हर रोज़ भूला बिसरा गीत गाते है,
कलाकार है |
सोते है, सब भूलकर |
मेरे हिस्से का भी सो लेते है,
शिकवे हैं,
जो मेरे साथ रहते हैं |