लोगों की भीड़ और जीने की होड़ के बीच
शुरू हुआ एक सफ़र,
जो कहते हर भटके को राह दिखाए,
हर प्यासे को पियायू से मिलाए,
हर भंवरे को फूल तक ले जाए |
ऐसे ही एक सफ़र मे हम चले |
इस अनोखे सफ़र मे कई हमराही मिले,
कुछ थोड़ी देर संग चले,
तो कुछ रूठ के परे हो गये,
और कुछ से हमने ही परहेज़ कर लिया |
लेकिन कुछ थे जो बेवजह ही टँगे रहे,
हमेशा साथ ना होकर भी एक रंग मे रंगे रहे,
खुशियों मे जोश और गम मे हिम्मत देते रहे ,
साथ गुज़रे हर लम्हे को यादगार बनाते रहे |
इनमे से कुछ राही जल्द ही अपने मुकाम को पा लेंगे,
किस्मत से बने इस कारवाँ को छोड़
नयी डगर नये राहगीरो के साथ चल देंगे |
बस भूले ना वो हमे, यही एक ख्वाहिश है |
यादों मे उनकी हम बसे रहे, रब से सिफारिश है |
और जो बच गये है, वो सफ़र मे साथ चलते रहे
यही एक गुज़ारिश है |
9 comments:
kya baat hai-kya baat hai :tiwari
jalpari app mast hai sidebar pe.
aur haan kuch kavita hai aapki.
:')
;_; surd sento maar raha hai :D
:)
इस नज़्म की तारीफ में हम क्या कहें,
रूह तक को जो छू गई,
बीते कई रातों की यादों को समेटा है इसने,
दोस्ती के एहसास को सु-वर्णित किया है|
lekin kuchh the jo bewajah hi tange rahe.,.....love tht line dude seriously muah
sento nahi maar raha yaar...sab real experiences hi hai :)
@akku from now on, i too love that line :)
wah wah wah wah..........kya baat hai..........
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